उद्यमिता, स्वदेशी और सहकारीता से भारत पूरी दुनिया का नेतृत्व कर सकता है - सतीश कुमार

त्रिमूर्ति न्यूज दीपक यादव
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उद्यमिता, स्वदेशी और सहकारीता से भारत पूरी दुनिया का नेतृत्व कर सकता है - सतीश कुमार            
  टिमरनी - 

 व्याख्यान माला समिति द्वारा श्रद्धेय भाऊ साहेब भुस्कुटे स्मृति व्याख्यान माला कार्यक्रम का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर प्रांगण में किया गया। प्रथम दिन कार्यक्रम की अध्यक्षता  अनिल कुमार विश्वकर्मा ने की एव मुख्य वक्ता अखिल भारतीय सह सयोंजक ,स्वदेशी जागरण मंच  सतीश कुमार रहे। कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया ।  मुख्य वक्ता अखिल भारतीय सह सयोंजक ,स्वदेशी जागरण मंच  सतीश कुमार ने स्वदेशी से स्वावलबन विषय पर अपना व्याख्यान दिया गया। अपने व्याख्यान में  सतीश कुमार ने कहा कि भारत में 1947 में नेहरू जी को भारतीय परम्परा और अर्थव्यवस्था पर विश्वाश  नही था, इसलिए भारत बटा। आज  विकास का मॉडल है भारत , पहले सीमेंट की बोरी के लिए लायसेंस लेना पड़ता था कोटा के लिए परमिट की आवश्यकता होती थी। अपने देश  का 45 % सोना इग्लैड और जापान की बैंकों में गिरवी रखा तब कर्मचारियों की तनखवा निकलती थी। उन्होंने कहा कि पूंजीबाद व साम्यबाद नही  हमें चाहिए राष्ट्रवाद चाहिये। दुनिया में सबसे ज्यादा एटम बम है रूस के पास है,लेकिन भारत के पास सबसे बड़ी शक्ति युवाशक्ति है, अगर हमारे पास घर के बच्चे हमारी संपत्ति है तो भारत माता के 140 करोड़  लोग भारत माता की शक्ति है। संस्कृत में बेरोजगारी का कोई शब्द नही है, अंग्रेजो ने लोगों को नौकर बनाया इसलिए भारत में बेरोजगारी आई। भारत में पहले उत्तम खेती, मध्यम व्यापार, निम्न नौकरी की परिभाषा चलती थी परन्तु अंग्रेजो द्वारा पूरी परिभाषा को ही उलटा कर दिया गया उच्चतम नौकरी, मध्यम व्यापार, निम्न खेती बताया गया।श्री कुमार ने बताया कि भारत को चाहिए यह 03 मंत्र उद्यमिता, स्वदेशी और सहकारीता जिससे भारत पूरी दुनिया का नेतृत्व कर सकता है। कोई भी सरकार 08 प्रतिशत से ज्यादा नौकरी नही दे सकती, भारत दूध मे पहले स्थान पर गेंहू में दूसरे नम्बर पर है। लाल बहादुर शास्त्री के समय की हमारे पास इतना अनाज भी नही था कि हम अपने लोगों का भरण पोषण कर सके। इसलिए अमेरिका से अनाज आयात करना पड़ता,अब भारत में पूरी दुनिया की 22 प्रतिशत दवाई भारत में बनती है। इसलिए भारत को फार्मेसी में मदर ऑफ द वर्ल्ड करते है। भारत ने अपनी समस्याओं पर काबू पा कर विश्व का नेतृत्व करने की तैयारी कर ली है। इसी का उदाहरण देते हुए कहा कि अयोध्या का बी.ए पास लड़का बिटटू टिक्की वाला बी.ब्डल्यू.टी आज 700 करोड की कम्पनी है। कार्यक्रम का संचालन विक्रम भुस्कुटे ने किया। कार्यक्रम आभार  राजेश  जैन ने माना तथा विद्यालय की बहिनों द्वारा वंदे मातरम् प्रस्तुत किया गया।

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