जिले में किसी भी प्रकार के उर्वरक की कोई कमी नही -

त्रिमूर्ति न्यूज दीपक यादव
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जिले में किसी भी प्रकार के उर्वरक की कोई कमी नही 

हरदा | 19-मई-2020

    उपसंचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास हरदा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में ग्रीष्मकालीन फसल मूंग की कटाई प्रांरभ हो चूकी है। इसके पश्चात किसान खरीफ मौसम की फसलो के लिए खेत की तैयारी प्रांरभ कर देंगे। इसी क्रम में कृषि आदानो जैसे - बीज, उर्वरक, बीज उपचार औषधि, खरपतवार नाशक औषधि एवं पौध संरक्षण औषधियों की व्यवस्था की ओर अग्रसर होगें। वर्तमान में जिले में विपणन संघ में 4048 मे. टन. डी.ए.पी. तथा 2054 मे. टन. यूरिया उपलब्ध है साथ ही एन.पी.के. 12:32:16 एवं म्यूरेट ऑफ़ पोटाश भी उपलब्ध है। जिले में पंजीकृत निजी विक्रेताओ के पास भी पर्याप्त मात्रा में डी.ए.पी एवं यूरिया उर्वरक उपलब्ध है। हरदा जिले की रैक पाईन्ट पर यूरिया एवं डी.ए.पी. की एक-एक रैक अति शीघ्र आने वाली है एवं इसके पश्चात भी डी.ए.पी. एवं यूरिया की रैक निरंतर मांग अनुसार जिले के लिए प्लान कर दी गई है, इस प्रकार जिले में किसी भी प्रकार के उर्वरक की कोई कमी नही है, ना ही आने दी जायेगी।
      जिले के कृषको से अनुरोध है कि, खरीफ मौसम के लिए पर्याप्त मात्रा में मांग अनुसार उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। म.प्र. शासन द्वारा यूरिया उर्वरक 266.50 रूपये (45 किलोग्राम प्रति बेग) एवं डी.ए.पी. 1 हजार 73 रूपये (50 किलो प्रति बेग) मूल्य निर्धारण किया गया है। सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रेता उक्त मूल्य पर ही क्रमशः यूरिया एवं डी.ए.पी. उर्वरक का विक्रय करेगें तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के खण्ड 5 अनुसार निर्धारित फार्म ‘‘ एम ‘‘ में किसानो को केश मेमो प्रदान करेगें।
      उर्वरक व्यवस्था के संबंध में कृषको को यदि कोई असुविधा होती है तो विकासखण्ड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय अथवा कार्यालय उपसंचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, जिला हरदा से संपर्क कर सकते है। किसानो की मदद के लिए किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग हर समय तत्पर है।

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