कीमत न मिलने व मांग न होने से टमाटर ओर बैगन तोड़ना कर दिया बंद किसान को लाखों का नुकसान

त्रिमूर्ति न्यूज दीपक यादव
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कीमत न मिलने व मांग न होने से टमाटर ओर बैगन तोड़ना कर दिया बंद किसान को लाखों का नुकसान

दीपक यादव टिमरनी  टिमरनी -  

देश मे लॉक डाउन के चलते सब्जी लगाने वाले किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है हालत ऐसी है कि जो लागत किसान ने लगाई वह भी नही निकल पा रही है ।इस की सब से बड़ी वजह किसानों को सब्जियों का सही दाम नही मिलना  ओर सब्जियों की मांग नही है बाहर भेजने पर भी कम कीमत मिल रही है व व्यापारी मुनाफा कमा रहे है।जिले के विकासखण्ड टिमरनी के ग्राम चारखेड़ा में किसान राजेश गेदर के द्वारा आधुनिक तरीके से 5 साल से अधिक समय से  सब्जियों की खेती की जा रही है उनके द्वारा 28 एकड़ में तरबूज बैगन मिर्ची ओर टमाटर की खेती की जा रही है।जिसमे  ऑटोमेसन मशीन के द्वारा खाद्य दवाई  ओर पानी दिया जाता है और ईसी पीएच को मेंटेन किया जाता है जिसके कारण फसल का उत्पादन अच्छा होता है ।इस मशीन को लगाने में 33 लाख रुपये के लगभग की लागत आती है । किसान राजेश ने बताया कि  28 एकड़ खेत  में तरबूज बैगन मिर्ची ओर टमाटर लगाए गया जिन्हें लगाने में लगभग 40 लाख रुपये की लागत आई ओर फसलों का अच्छा अच्छा उत्पादन भी हुआ पर सही कीमत नही मिलने रही है ओर सब्जियों फसल बेचने से 22 लाख के लगभग की कीमत मिलने का अनुमान से जिस के कारण 15 लाख से अधिक का नुकसान होने की संभावना  है ।


 *टमाटर ओर बैगन को तुड़बना किया बन्द*   

   किसान राजेश गेदर ने  10 एकड़ में टमाटर की सब्ज़ी लगाई जिसे लगने में 15 लाख के लगभग लागत आई ओर खेत मे टमाटर का अच्छा उत्पादन भी हुआ । परन्तु किसान को सही भाव नही मिलने कारण किसान को मजबूरी 4 एकड़ खेत में लगे टमाटर की फसल सहित ही बखर दिया गया। वही 6 एकड़  में लगे टमाटर तुड़बना ही बन्द कर दिया गया है । आज थोक मे टमाटर दो से चार रुपय किलो विक्रय हो रहा है । वही 2 एकड़ खेत मे बैगन लगाए गया है में जिसकी लागत लगभग 1लाख रुपये आई है पर फसल के भाव व मांग नही होने से नुकसान हो रहा है ।जिनके चलते कारण लागत तक नही निकलने की संभावना  है ।


: *20 लाख में लगाये तरबूज ओर मिर्ची, भाव नही मिलने से नुकसान की संभावना*        

 लॉक डाउन के कारण किसानों को कम कीमत पर अपनी फसल बेची पड़ रही  जिसे किसानो को लाखो का नुकसान उठाना पड़ रहा है ।किसान राजेश ने 8 एकड़ खेत मे सरस्वती कबीर किस्म के तरबूज लगाए है जिसमे 8 लाख रुपये की लागत आई है। परन्तु हालत यह है कि 15 से 20 रुपय किलो बिकने वाला तरबूज अब सिर्फ तरबूज 4 से 5 रुपय किलो बीक रहा है । वही  8 एकड़ खेत मे चार किस्म की मिर्ची लगाई है जिसे लगाने में लगभग 12 लाख रुपय की लागत आई है।हरिमिर्ची जिसका पिछले साल 60 रुपय किलो में बिक्री की गई थी आज 20 से 25 रुपय किलो बीक रही है। खेत मे मिर्ची सूख रही है जिसे उत्पादन कम होने की उम्मीद है जिसके चलते मिर्ची की लागत की निकलने की संभावना है ।

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