कृषकों के लिये उपयोगी सलाह

त्रिमूर्ति न्यूज दीपक यादव
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कृषकों के लिये उपयोगी सलाह

उपसंचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने कृषकों को सलाह दी है कि सोयाबीन की फसल में सूखे की स्थिति में भूमि की नमी को संरक्षित करने के लिये वे शिघ्रताशीघ्र डोरा/कुलपा चलाये तथा पलवार (मल्चिंग) का प्रयोग करें, साथ ही सलाह है कि अधिक समय तक वर्षा न होने पर सुविधानुसार सिंचाई की व्यवस्था करें एवं पोटेशियम नाइटेªट (1 प्रतिशत) या ग्लिसराॅल/मेग्नेशियम कार्बाेनेट (5 प्रतिशत) का छिड़काव करें। जहाँ पर सोयाबीन की फसल 15-20 दिन की हो एवं बोवनी के तुरन्त बाद उपयोगी अनुशंसित खरपतवार नाशकों का प्रयोग नही किया हो, उन स्थानों में सोयाबीन की खड़ी फसल में अनुशंसित खरपतवार नाशक जैसे इमाझेथापायर (1.0 ली./हेक्टेयर-चैड़ी एवं सकरी पत्ती वाले खरपतवारों के लिए) का छिड़काव करें। जिन किसानों के खेतों मंे केवल चैड़ी पत्ती वाले खरपतवार पाये जाते हो उन्हे सलाह है कि वे क्लोरीम्यूरान इथाइल (36 ग्रा/हेक्टेयर) का छिड़काव करें। जिन किसानों के खेतों में केवल सकरी पत्ती वाले खरपतवार की संख्या अधिक हो उन्हें सलाह है कि वे क्विजालोफाप इथाइल (1.0ली./हेक्टेयर) या क्विजालोफाॅप-पी-टेफूरील (1.0 ली./हेक्टेयर) या फेनाक्सीफाॅप-पी-ईथाइल (0.75 ली./हेक्टेयर) में से किसी एक का 500 लीटर पानी के साथ फ्लड जेट या फ्लेट फेन नोझल (कट नोझल) का उपयोग कर समान रूप से खेत में छिड़काव करें। जहाँ पर फसल 15-20 दिन की हो कृषकगण खरपतवारनाषक के छिड़काव के समय अनुशंसित कीटनाशक का मिश्रित छिड़काव कर सकते है, जिससे खरपतवार नियंत्रण के साथ-साथ आने वाले 30-40 दिनांे तक कीट नियंत्रण प्रभावी हो सके। इस इमाझेथापायर/क्विजालोफाप इथाईल (1 ली./हेक्टेयर)$ क्लोरएन्ट्रानिलिप्रोल (100 मि.ली./ हेक्टेयर)/ इन्डोक्साकार्ब 333 मि.ली./हेक्टेयर) छिड़काव के समय प्रति हेक्टेयर पानी की अनुशंसित मात्रा (500 लीटर) का उपयोग अवश्य करें। विगत वर्ष जिन स्थानांे पर सोयाबीन की फसल पर व्हाइट ग्रब (सफेद सूंडी) का प्रकोप हुआ था वहाँ के किसान विशेष ध्यान दें एवं व्हाइट ग्रब के वयस्कों को एकत्र कर नष्ट करने के लिए प्रकाश जाल अथवा फिरोमोन टेªप का प्रयोग करें। सोयाबीन के खेतों में जल भराव की स्थिति होने पर तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करें।

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