डेंगू एवं चिकनगुनिया से डरें नही बस सावधानी रखें

त्रिमूर्ति न्यूज दीपक यादव
0
डेंगू एवं चिकनगुनिया से डरें नही बस सावधानी रखें
राष्ट्रीय वाहक जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत डेंगू एवं चिकनगुनिया से आउटब्रेक न हो, इस हेतु अभी से बचाव एवं नियंत्रण के प्रभावी उपाय किये जाना आवश्यक है। प्रायः यह देखने में आता है, कि क्षेत्र में बुखार के मरीज सामान्य से बहुत अधिक संख्या में आने लगते हैं तब जाकर प्रतिबंधात्मक उपाय प्रारंभ किये जाते हैं, किन्तु तब तक बहुत देर हो चुकी होती है एवं बीमारी पर नियंत्रण पाना कठिन हो जाता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. प्रदीप मोजेस ने बताया कि डेंगू एवं चिकनगुनिया बीमारी फैलाने वाले मच्छर का नाम एंडीज मच्छर है, यह मच्छर दिन के समय ही काटता है, यह साफ पानी में पैदा होता है। उन्होने सलाह दी है कि अचानक तेज सिरदर्द व बुखार होना, माँसपेशियों और जोडों में दर्द होना, आँखों के पीछे दर्द होना, जी मचलाना और उल्टी होना आदि लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में डाॅक्टर की सलाह लें। डाॅक्टर के परामर्श बिना कोई भी दवाई का प्रयोग न करें। डेंगू से बचाव हेतु अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दे, गड्डो एवं नालियों मे तेल या जला हुआ आईल डाल दे, तथा घर में पानी की टंकी, गमलों, टूटे फूटे बर्तनों, पक्षियों के पीने के पानी के बर्तनों, पुराने टायरों एवं कुलर में ज्यादा समय तक पानी जमा न होने दे, 03 दिवस में पानी को निकाल दे। निर्माणाधीन क्षेत्रों में बनाई गई टंकियो में पानी काफी समय तक एकत्रित किया जाता है, इन टंकियो को ढक्कर रखे या पानी को बदलते रहे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. प्रदीप मोजेस ने जिले के जिला अस्पताल हरदा एवं समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो के चिकित्सको को निर्देशित किया है, कि डेंगू, चिकिनगुनिया के लक्षणों वाले मरीज पाये जाते हैं तो उनके दो सीरम सेम्पल लिये जावे एंव कोल्ड चेन में निकट की जिला चिकित्सालय/सेंटीनल साईट में जाँच हेतु भेजे जावें। जिला चिकित्सालय/सेंटीनल स्वास्थ्य संस्था द्वारा सीरम की सेम्पल की जाँच के पश्चात डेंगू, चिकिनगुनिया की पाॅजीटिव रिर्पोट प्राप्त होने के पश्चात् दूरभाष, ई-मेल, फैक्स के द्वारा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी/जिला मलेरिया अधिकारी को अवगत कराया जाये जिससे प्रभावित क्षेत्र पाजीटिव रेागी के घर एवं घर के आस-पास गाइडलाईंस अनुसार तत्काल ही प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की जा सके, जिससे आउटब्रेक ना हो।
ग्रामस्तर पर आशा एवं आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मच्छर जन्य बीमारियो की रोकथाम हेतु प्रशिक्षण प्रदाय किया गया है एवं निर्देशित किया गया है कि पाजीटिव प्रकरण पाये जाने पर तत्काल अपने निकट की स्वास्थ्य संस्था सबसेंटर/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं जिला मलेरिया अधिकारी को सूचना भेजे ताकी तत्काल प्रभावित क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक उपाय सुनिश्चित किये जावे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)
To Top