पेड न्यूज साबित होने पर प्रत्याशी के निर्वाचन व्यय में जुड़ेगा खर्च

त्रिमूर्ति न्यूज दीपक यादव
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पेड न्यूज साबित होने पर प्रत्याशी के निर्वाचन व्यय में जुड़ेगा खर्च

लोकसभा निर्वाचन के दौरान जिले में केबल चैनलों, समाचार पत्रों से प्रसारित कार्यक्रमों पर नजर रखी जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पेडन्यूज पर नजर रखने के लिये जिला स्तर पर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में मीडिया अनुवीक्षण एवं प्रमाणन समिति (एमसीएमसी) गठित की गई है।

निर्वाचन आयोग ने पेड न्यूज पर बारीकी से ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। एमसीएमसी ही पेड न्यूज के संबंध में निर्णय लेगी। एमसीएमसी द्वारा ही मीडिया सेंटर (मीडिया अनुवीक्षण प्रकोष्ठ) के जरिए 24 घण्टे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया द्वारा प्रसारित होने वाली खबरों की गहन छानबीन की जाएगी। पेड न्यूज साबित होने पर संबंधित प्रत्याशी के निर्वाचन व्यय में पेड न्यूज प्रकाशन पर हुआ खर्च जोड़ा जायेगा।

पहले लेनी होगी अनुमति

इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर चुनाव-प्रचार संबंधी कार्यक्रम व क्लिपिंग इत्यादि प्रसारित करने के लिये पूर्व अनुमति लेनी होगी। इसके लिए प्रमाणित ट्रांस्क्रिप्ट दो प्रति में निर्धारित समय पूर्व प्रस्तुत करनी होगी। मूल स्क्रिप्ट सहित सम्पूर्ण चुनाव प्रचार सामग्री की बारीकी से जाँच करने के बाद ही इलेक्ट्रोनिक मीडिया से चुनावी प्रचार संबंधी कार्यक्रम व विज्ञापन पट्टियाँ प्रसारित करने की अनुमति दी जायेगी। इस जाँच में खासतौर पर यह देखा जायेगा कि इस प्रचार-प्रसार में राजनैतिक दलों व प्रत्याशियों द्वारा चुनावी खर्चा तो नहीं छुपाया जा रहा।

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