बाल विवाह रोकने हेतु उड़न दस्तों का गठन

त्रिमूर्ति न्यूज दीपक यादव
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बाल विवाह रोकने हेतु उड़न दस्तों का गठन

कलेक्टर श्री एस. विश्वनाथन ने 7 मई को अक्षय तृतीया को दृष्टिगत रखते हुए जिले में होने वाले बाल विवाह को रोकने हेतु बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 13(4) एवं (5) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए विकासखण्ड हरदा, खिरकिया एवं टिमरनी हेतु उड़नदस्तों का गठन किया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व उड़न दस्तों के अध्यक्ष होंगे तथा तहसीलदार, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास, विकासखण्ड चिकित्सा एवं शिक्षा अधिकारी, थाना प्रभारी, सेक्टर पर्यवेक्षक, चाईल्ड लाईन सदस्य-1 उड़न दस्ते के सदस्य होंगे। उन्होने निर्देशित किया कि दल अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत होने वाले सामूहिक विवाहों में वर-वधुओं की आयु के प्रमाण-पत्र का अवलोकन करेंगे। किसी भी परिस्थिति में वर की आयु 21 वर्ष तथा वधु की आयु 18 वर्ष से कम न हो, वर अथवा वधु की आयु कम पाये जाने पर बाल विवाह रोकने का प्रयास करेंगे अन्यथा वैधानिक कार्यवाही करेंगे। अक्षय तृतीया व वर्ष की अन्य तिथियों पर बाल विवाह की शिकायत पाये जाने पर दल सामूहिक रूप से विवाह स्थल पर जाकर वर-वधु की आयु पूर्ण नहीं पाये जाने पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 (जोकि 1 जनवरी 2007 से अधिसूचित है) के अंतर्गत नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही करेगा। उड़नदस्तों दलों द्वारा यदि उनके क्षेत्राधिकार में कोई बाल विवाह का प्रकरण पाया जाता है तो बाल विवाह करने वाले, बाल विवाह को प्रोत्साहित करने वाले जैसे रसोईया, नाई, धर्मगुरू, टेंट वाले, पत्रिका छापने वाले एवं अन्य के विरूद्ध बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 10 के तहत वैधानिक कार्यवाही की जावे। उन्होने निर्देशित किया क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी सामूहिक विवाह आयोजन की अनुमति इस शर्त पर जारी करेंगे कि उक्त आयोजन में वर 21 वर्ष से कम ना हो एवं वधु 18 वर्ष से कम न हो। दल द्वारा सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी दशा में जिले में एक भी बाल विवाह सम्पन्न न होने पाए।

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