नरवाई जलाने पर प्रतिबंध

त्रिमूर्ति न्यूज दीपक यादव
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नरवाई जलाने पर प्रतिबंध
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री एस. विश्वनाथन ने जनसामान्य के हित/सार्वजनिक सम्पत्ति, पर्यावरण एवं लोक व्यवस्था को बनाये रखने हेतु हरदा जिले की भौगोलिक सीमाओं में खेत में खड़े गेहूँ के डंठलों (नरवाई) में आग लगाई जाने पर आदेश जारी कर प्रतिबंध लगाया है। श्री विश्वनाथन ने बताया कि नरवाई में आग लगाना कृषि के लिये नुकसानदायक होने के साथ ही पर्यावरण की दृष्टि से भी हानिकारक है। इसके कारण विगत वर्षो में गंभीर स्वरूप की अग्नि दुर्घटनायें घटित हुई है तथा व्यापक संपत्ति की हानि कारित हुई है। ग्रीष्म ऋतु में बढ़ते जल संकट में इससे बढ़ोत्री तो होती ही है साथ ही कानून व्यवस्था के लिये भी विपरीत स्थितियाँ निर्मित होती है। खेत की आग के अनियंत्रित होने पर जन सम्पत्ति व प्राकृतिक वनस्पति, जीव जन्तु आदि नष्ट हो जाते है। जिससे व्यापक नुकसान होता है। खेत की मिट्टी में प्राकृतिक रूप से पाये जाने वाले लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु नष्ट होते है, जिससे खेत की उर्वरा शक्ति शनैःशनै घट रही है और उत्पादन प्रभावित हो रहा है। खेत में पड़ा कचरा, भूसा, डंठल सड़ने के बाद भूमि को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनाते है इन्हें जलाकर नष्ट करना ऊर्जा को नष्ट करना है। आग लगाने से हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है, जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। जिले में कई कृषकों द्वारा रोटावेटर से व अन्य साधनों से गेहूँ के डंठल खेत से हटाने हेतु साधन अपनाये जाने लगे है।

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