सिंचाई के लिये नदी/तालाब/कुए तथा शासकीय ट्यूवैल/हैण्डपम्प के पानी का उपयोग प्रतिबंधित

त्रिमूर्ति न्यूज दीपक यादव
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सिंचाई के लिये नदी/तालाब/कुए तथा शासकीय ट्यूवैल/हैण्डपम्प के पानी का उपयोग प्रतिबंधित
कलेक्टर श्री एस. विश्वनाथन ने विगत दो वर्षो से जिले में अल्प वर्षा होने के कारण भू-जल स्तर में निरन्त गिरावट एवं ग्रीष्मकालीन फसलों में सिंचाई हेतु पानी की उपलब्धता नही होने पर प्राकृतिक जल स्त्रोतों नदी/तालाब/कुए, नलकूप तथा अन्य स्त्रोतों का उपयोग किये जाने की संभावनाओं को ध्यान में रख कर म.प्र. पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा (3) एवं (4) में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए आदेश जारी कर सम्पूर्ण हरदा जिले में ग्रिष्मकालीन फसलों के अंतर्गत मूंग फसल तथा अन्य फसलों की सिंचाई के लिये 31 जुलाई 2019 तक नदी/तालाब/कुए तथा शासकीय ट्यूवैल/हैण्डपम्प के पानी का उपयोग प्रतिबंधित किया है। साथ ही निजी नलकूप जो कि ग्राम की 500 मीटर की परिधि के भीतर स्थित है, उन्हें भी सिंचाई हेतु जनहित में प्रतिबंधित किया है।
श्री विश्वनाथन बताया कि पूर्व में जनता को जल की आवश्यकता की पूर्ति करने के लिये एवं पेयजल का समान वितरण सुनिश्चित करने के लिये जिला हरदा को जल अभावग्रस्त घोषित कर निजी नलकूप खनन, ट्यूवैल, हैण्डपम्प के खनन पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही जल स्त्रोतों से जल का उपयोग कृषि सिंचाई, औद्योगिक कार्य हेतु सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना प्रतिबंधित किया गया था। उन्होने निर्देशित किया है कि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सर्व जिला हरदा अपने क्षेत्राधिकार अंतर्गत आदेश के परिपालन मंे सतत निगरानी सुनिश्चित करेंगे।

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