देसी डिप्लोमा द्वितीय बैच का शुभारम्भ
जिले में 40 आदान विक्रेताओं का देसी कोर्स नोडल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास जिला हरदा द्वारा कलेक्टर श्री एस. विश्वनाथन की अध्यक्षता में देसी डिप्लोमा द्वितीय बैच का शुभारम्भ शुक्रवार को किया गया। श्री विश्वनाथन ने कृषि आदान विक्रेताओं को संबोधित करते हुये कहा कि डिप्लोमा के माध्यम से तकनीकी ज्ञान प्राप्त होगा, जिसका लाभ सीधे कृषकों को मिलेगा, वैसे कृषक बरसों से खेती कर रहा है, उससे बड़ा कोई वैज्ञानिक नहीं हे, फिल्ड का सबसे ज्यादा ज्ञान कृषकों को है। आदान विक्रेताओं को अधिक से अधिक तकनीकी ज्ञान प्राप्त कर किसानों को सही तकनीकी ज्ञान पौध संरक्षण, औषधी, उपयोग, उर्वरक उपयोग आदि तकनीकी जानकारी से अधिक से अधिक लाभ किसानों को मिल सके। वर्तमान में खेती की तकनीक बहुत अपग्रेड हुई है। नई तकनीक, नये कृषि औजारों का उपयोग बढ़ा है, खेती में सही मात्रा में जल उपयोग, उर्वरक उपयोग, पौध संरक्षण औषधी उपयोग अब धीरे-धीरे कम करना आवश्यक है। वर्तमान में हम जो खा रहे है, उसमें बहुत अधिक केमिकल्स का समावेश है, जो शरीर के लिये हानिकारक है। हमें केमिकल्स का कम से कम उपयोग कर उसकी मात्रा धीरे-धीरे घटाना चाहिये। क्योंकि अधिक केमिकल्स से पेस्ट्स भी रजिस्टेन्स हो रहे है। वर्तमान में बच्चा चलना सीखता है वह घुटने जमीन पर नहीं टेकता सीधे हाथ एवं पंजे के बल चलता है। यह रेवुलेशन है, अतः केमिकल्स का उपयोग कम से कम करना है। मुख्यमंत्रीजी द्वारा चलाये जा रहे ऋण माफी कार्यक्रम अंतर्गत जो कर्ज किसानों का माफ हो रहा है, उसमें किसानों को लाभ हुआ है। इस प्राप्त राशि से कृषक अपने अन्य कार्य बच्चों की उच्च शिक्षा, अच्छा घर बनाने के साथ साथ परिवार की उन्नति में व्यय करेगा। इस प्राप्त राशि से किसान का सर्वांगीण विकास होगा।
कृषि आदान विक्रेताओं को एक वर्षीय डिप्लोमा संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई, जिसके अंतर्गत सप्ताह में एक दिन प्रत्येक शनिवार को क्लास का आयोजन किया जायेगा। जिसमें 8 फिल्ड विजिट एवं 80 क्लास रूम सेशन कृषि वैज्ञानिकों एवं संबंधित विषय वस्तु विशेषज्ञों द्वारा ली जायेगी एवं डिप्लोमा अवधि के दौरान मिड टर्म परीक्षा, प्रेक्टिकल परीक्षा आदि समय-समय पर ली जाकर डिप्लोमा के अंत में फाईनल परीक्षा का आयोजन किया जावेगा, जिसमें सफल परीक्षार्थीयों को डिप्लोमा सर्टिफिकेट प्रदाय किया जावेगा। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री एस. विश्वनाथन, उपसंचालक सह परियोजना संचालक (आत्मा) श्री एम.पी.एस. चन्द्रावत, प्रधान वैज्ञानिक डाॅ. आर.सी. शर्मा, सहायक संचालक कृषि श्री कपिल बेड़ा, श्री अखिलेश पटेल एवं देसी फेसिलेटर श्री बी.एम. गौर (सेवा निवृत्त सहायक संचालक कृषि) उपस्थित थे।
