हरदा -
आज के समय में तकनीकी ज्ञान और कोडिंग जैसी स्किल बच्चों के भविष्य के लिए बहुत ज़रूरी हो गई है। यह न सिर्फ़ उनके सोचने और समस्या सुलझाने की क्षमता को बढ़ाता है बल्कि उन्हें आगे की पढ़ाई और रोज़गार में भी नए अवसर दिलाता है। जिला प्रशासन ने ‘‘कोड योगी’’ फाउण्डेशन के सहयोग से जिले के शासकीय विद्यालयों के कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक विद्यार्थियों को स्कूल स्तर से ही कोडिंग सीखाने के उद्देश्य से ‘‘मिशन कोड शक्ति-हरदा’’ प्रारम्भ किया है। कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन सोमवार को कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता में उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों को ‘‘मिशन कोड शक्ति-हरदा’’ के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
कलेक्टर श्री जैन ने बताया कि एआई से बदलती इस दुनिया में जहां एक तरफ नौकरियों के लिये मेहनत और प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, वहीं इन कौशलों को सीखने के महंगे कोर्स अक्सर बच्चों की पहुँच से बाहर हो जाते है। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा ‘‘कोड योगी’’ फाउण्डेशन के सहयोग से ‘‘मिशन कोड शक्ति-हरदा प्रारम्भ किया गया है। यह प्रोग्राम पूरी तरह निःशुल्क है और छात्रों के लिये मोबाइल पर उपलब्ध है। कोर्स को आसान भाषा में तैयार किया गया है ताकि कोई भी विद्यार्थी, चाहे तकनीकी पृष्ठभूमि न भी हो, इसे समझ सके। इसमें छोटे-छोटे वीडियो, सरल अभ्यास और प्रैक्टिकल असाइनमेंट शामिल हैं। कुल लगभग 150 घंटे की सामग्री को इस तरह बाँटा गया है कि विद्यार्थी अपने समय अनुसार सीख सकें। इसमें प्रयोग की गई भाषा सरल और समझने योग्य है। साथ ही इंटरैक्टिव डिज़ाइन होने से विद्यार्थी सीखते समय बोरियत महसूस नहीं करते और मज़े के साथ सीखते हैं। सीखने की प्रक्रिया को छोटे-छोटे वीडियो और प्रैक्टिकल असाइनमेंट में बाँटा गया है। वीडियो 3 से 15 मिनट के हैं, जिससे विद्यार्थी धीरे-धीरे और नियमित रूप से अभ्यास कर पाते हैं। उन्होने बताया कि यह कुल 150 घंटे का पूरा कोर्स है, जिसे विद्यार्थी अपने समय और सुविधा के अनुसार पूरा कर सकते हैं। यह स्वयं सीखने अर्थात सेल्फ लर्निंग का मॉडल है, जिसमें लचीलापन है। मेहनती छात्रों को हम इंटर्नशिप पाने और उद्योगपतियों व विशेषज्ञों से मेंटरशिप प्राप्त करने का अवसर दिलाने में सहयोग करते हैं। इसमें गूगल, अमेजन और ओपन एआई जैसी कंपनियों से जुड़े विशेषज्ञ भी शामिल हैं।