दुनिया में भारत सबसे युवा देश - मोहननारायण गिरी , श्रद्धेय भाऊसाहेब भुस्कुटे स्मृति व्याख्यानमाला का 33वाँ वर्ष

त्रिमूर्ति न्यूज दीपक यादव
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दुनिया में भारत सबसे युवा देश  - मोहननारायण गिरी

- श्रद्धेय भाऊसाहेब भुस्कुटे स्मृति व्याख्यानमाला का 33वाँ वर्ष 

- सर्द रात में वक्ता के ओजपूर्ण विचारों से श्रोताओं ने गरमाहट महसूस की 

टिमरनी। 
भारत टेक्नोलोजी , मिलेट्री और इकोनोमी के बल पर 2047 तक विकसित राष्ट्र बन जाएगा, भारत की वर्तमान जीडीपी 3.7 ट्रिलियन डॉलर है इसको पार करके भारत 9 ट्रिलियन डॉलर के आसपास पहुंचेगा, भारत एक विकसित राष्ट्र की सभी विशेषताओ के साथ अग्रसर है । नई शिक्षा नीति 2020 भी ठोस कदम साबित हो रहा है ,दुनिया में भारत सबसे युवा देश है । जिसकी 65 प्रतिशत आवादी 30 वर्ष से कम है दुनिया की सबसे प्रशिक्षित श्रम शक्ति भारत के पास है भारतीय युवा ने हर काल में कल्पनातीत त्याग और बलिदान  के अनेक उदाहरण पेश किये है । 
यह बात मोहननारायण गिरी (संस्थापक, शहीद समरसता मिशन इन्दौर) ने कही। वे श्रद्धेय भाऊसाहेब भुस्कुटे स्मृति व्याख्यानमाला के 33वें वर्ष के प्रथम दिवस के विषय ’’वर्तमान युवा और भविष्य’’ पर बतौर मुख्यवक्ता बोल रहे थें। उन्होंने कहा दुनिया में आईटी के क्षेत्र में 40 प्रतिशत योगदान भारतवंशी युवाओ का है तकनिकी का सदुपयोग हमारे हाथ में शक्ति है एडिक्शन नहीं है हमें उसे ताकत बनाना है इस सूचना क्रान्ति के दौर में एआई भविष्य के भारत के लिए बहुत उपयोगी हो सकता है परन्तु इसका दूसरा पक्ष बेरोजगारी ,आलस्य आदि को भी बढ़ाना है हमें सही को चुनना है।उन्होंने कहा मिलेट्री पावर में भारत दुनिया की चौथी  सबसे बढ़ी सेना है मगर मानवीय तथा लोकतंत्र के नियम पालन में वह दुनिया की पहली सेना है अग्निवीर योजना से दुनिया की सबसे युवा सेना भारत की होगी इस योजना से आंतरिक सुरक्षा भी शक्तिशाली बनेगी उन्होंने आगे कहा कि हमारा वर्तमान इतिहास की नीव पर खड़ा है दुनिया में अभी तक 49 सभ्यताओं ने जन्म लिया परन्तु वर्तमान में केवल 4 सभ्यताए ही बची है जिनमे एक भारत की सभ्यता भी है हमारी संस्कृति को म्रत्युन्जय संस्कृति कहा गया है अनेक अक्रान्ताओ के आक्रमण के बाद भी हमारी संस्कृति बची रही इसका उदाहरण राजस्थान के एक गाँव में मिलता है जहां माताएं गीत गाती है कि ऐसी संतान हो एजो या तो संत हो या वीर एनहीं तो बाँझ रहना ही ठीक है ।
अध्यक्षीय उद्बोधन डाॅ. अरूण सिकरवार, प्राचार्य प्रधानमन्त्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय हरदा ने दिया। उन्होंने आज के विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा हमारे ऋषियों दार्शनिकों और संतो ने जो संस्कार के बीज बोये है वह हमारे डीएनए में है
इसके पूर्व मुख्य वक्ता मोहननारायण गिरी व अध्यक्ष डाॅ. अरूण सिकरवार ने श्रद्धेय भाऊसाहेब भुस्कुटे के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया। दोनो अतिथियों का स्वागत जमनादास वर्मा ने किया। अतिथि परिचय डाक्टर राहुल अग्रवाल ने किया। गणेश वंदना, राष्ट्र भक्ति गीत तथा  वंदेमातरम की प्रस्तुति संगीत पथक समूह (सरस्वती विद्या मंदिर, टिमरनी) ने दी। कार्यक्रम में श्याम मनावत , वरिष्ठ प्रचारक सुरेश अग्रवाल, निरंजन शर्मा ,आनंद मजुमदार, विभाग प्रचारक नरेन्द्र , प्रचारक दिनेश शर्मा ,विभाग संघ चालाक धन्नालाल दोगने उपस्थित रहे , सुधी जनों का आभार अनुभव गुप्ता ने किया।

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