समेकित बाल संरक्षण योजना (ICPS) बन रही जरूरतमंद बालकों के लिये लाभदायक "खुशियों की दास्‍तां"

त्रिमूर्ति न्यूज दीपक यादव
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समेकित बाल संरक्षण योजना (ICPS) बन रही जरूरतमंद बालकों के लिये लाभदायक "खुशियों की दास्‍तां"
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हरदा | 30-दिसम्बर-2020

    शासन द्वारा महिलाओं एवं बालकों के कल्‍याण के लिये नित निरन्‍तर प्रयास किये जा रहे है। तथा इनके कल्‍याण के लिये शासन द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। इन जनकल्‍याणकारी योजनाओं का लाभ न केवल प्रदेश अपितु जिले के बालकों को भी मिल रहा है। ऐसी ही एक कहानी बालक अंकित की है। जिसे लॉकडाउन के दौरान समे‍कित बाल संरक्षण योजना अंतर्गत कार्यरत चाईल्‍ड लाईन द्वारा सुरक्षित घर पहुँचाया गया। 
      ग्राम खेड़ा तहसील सिवनी मालवा निवासी अंकित काकोड़िया पिता श्री रामदीन काकोड़िया कोविड-19 लॉकडाउन में अपने गॉंव से हरदा आ गया था। लॉकडाउन के दौरान हरदा ए.एस.आई को अंकित सुनसान रास्ते पर पैदल आता व रोता हुआ मिला। पूछताछ करने पर बालक ने अपना नाम व माता-पिता का नाम और जिले के नाम बता दिया। थाने में पदस्थ बाल कल्याण अधिकारी/विशेष किशोर पुलिस इकाई द्वारा बालक को चाईल्ड लाइन जिला-हरदा को सौप दिया गया व जिला बाल संरक्षण इकाई व प्रभारी बाल कल्याण समिति जिला-हरदा को अवगत कराया गया। अध्यक्ष एवं सदस्य बाल कल्याण समिति द्वारा बच्चें को घर भेजने तथा माता-पिता के पास पुनर्वास कराने के मौखिक निर्देष दिये गये। बाल कल्याण समिति के आदेश के परिपालन में लॉकडाउन में यातायात के साधनो का अभाव होने के कारण डायल 100 की मदद से बालक को उसके घर ग्राम खेड़ा, तहसील सिवनी मालवा, जिला-होशंगाबाद में माता को स्वस्थ पुनर्वास एवं सुपुर्द किया गया।
      उल्‍लेखनीय है कि समेकित बाल संरक्षण योजना सभी बच्चों विशेष रूप से कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों के समग्र कल्याण एंव पुर्नवास हेतु बाल संरक्षण की अन्य योजनाओं को केन्द्रीय रूप में सम्मिलित कर प्रारम्भ की गई है, यह योजना बच्चों के बाल अधिकार, संरक्षण ओैर सर्वोत्तम बाल हित के दिशा निर्देशक सिद्धान्तो पर आधारित है। योजना के तहत किशोर न्याय (बालको की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 का क्रियान्वयन भी मुख्य घटक है। इस अधिनियम के तहत् 18 वर्ष से कम आयु के विधि विरोधी कार्यों में संलिप्त बालकों तथा देखरेख और संरक्षण के लिये जरूरतमंद बालकों को संरक्षण, भरण-पोषण, षिक्षण, प्रषिक्षण तथा व्यवसायिक एंव पारिवारिक पुर्नवास मुख्य उद्देश्‍य है।

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