सरस्वती शिशु मंदिर टिमरनी में सौर ऊर्जा स्वराज यात्रा 2020 का आगमन हुआ
टिमरनी
सोलर मैन एवं सोलर गांधी नाम से पहचाने जाने वाले मध्य प्रदेश मैं सौर ऊर्जा के ब्रांड एंबेसडर डॉक्टर चेतन सोलंकी प्रोफेसर आईआईटी कि 11 वर्ष चलने वाली सौर ऊर्जा स्वराज यात्रा का दोपहर 3 बजे आगमन हुआ ।इस यात्रा का टिमरनी नगर में प्रवेश करते ही स्टेशन चौराहे पर महाराणा सेना एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया।यात्रा के विद्यालय पहुंचने पर अतिथियों द्वारा विद्यालय में स्थित अटल टिंकरिंग लैब का अवलोकन किया । लैब में छात्रों द्वारा बनाए गए मॉडलों को अतिथियों द्वारा बहुत सराहा गया l उसके पश्चात डॉक्टर सोलंकी ने छात्र छात्राओं से चर्चा की छात्र छात्राओं ने उनसे सौर ऊर्जा से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे जिनका जवाब देकर उन्होंने उनकी जिज्ञासा को शांत किया एवं सौर ऊर्जा के महत्व को समझाया lसायं 4 बजे मुख्य सभागृह में विधायक संजय शाह सहित गणमान्य नागरिकों के समक्ष अपना सौर ऊर्जा
पर विषय रखते हुए कहा कि जब से औद्योगिकरण हुआ तब से हम प्रकृति के साथ नहीं हैं 1850 के बाद ऊर्जा का उपयोग प्रकृति संगत नहीं है ।आज हम जिस ऊर्जा का उपयोग करते हैं उसका 81% हम गैस कोयला एवं क्रूड आयल से प्राप्त कर रहे हैं उन्होंने आगे कहा कि 21वीं सदी में मनुष्य एडवांस लेवल पर आ गया है परंतु यहां आते - आते उसने अपना कितना नुकसान कर चुका है इसकी कल्पना पीड़ा देने वाली है। जैसे-जैसे आर्थिक प्रगति बढ़ रही है वैसे वैसे खुशहाली के स्थान पर डिप्रेशन, झगड़ा, सोसाइट जैसे गलत कार्य भी बढ़ रहे हैं । विश्व की व्यवस्था बहुत नाजुक हो चुकी है विकास कम विनाश ज्यादा लगता है जल जमीन जंगल अपने वास्तविक स्वरूप पर नहीं है इसका जिम्मेदार प्रत्येक व्यक्ति है lजीवन की प्रगति के अस्तित्व के सिद्धांत के लिए गांधी जी ने तीन बातें कहीं जिसका यदि हम उल्लंघन करेंगे तो निश्चित ही गिरेंगे l गांधी जी ने पहला सिद्धांत बतलाया था कि सब की जरूरत के लिए इस पृथ्वी पर पर्याप्त संसाधन है परंतु लालच के लिए नहीं । दूसरा सिद्धांत हमें बताया कि हमें बड़े साइज में प्रोडक्शन नहीं करना चाहिए बल्कि जनता के बीच होना चाहिए अर्थात इस का केंद्रीकरण न करके विकेंद्रीकरण करना चाहिए यदि यह नहीं किया तो पृथ्वी पर असंतुलन होगा झगड़ा एवं भेदभाव बनेगा गांधीजी ने तीसरा सिद्धांत बताया की समस्या का समाधान ध्यान, प्राणायाम, प्रार्थना से नहीं होगा इसके लिए हम सबको एक्शन लेना पड़ेगा lडॉक्टर सोलंकी ने आगे बताया कि कोरोना ने हमें वोकल पर लोकल होना सिखाया यह बात हमें गांधीजी ने 100 साल पहले बताई थी वर्तमान में हमें एक और वायरस चाहिए जो हमें जो हमें यह सिखाएं की जरूरत से ज्यादा हम अपने पास ना रखें यदि ज्यादा रखेंगे तो वह चोरी कहलाएगी l संसाधनों का ज्यादा उपयोग नहीं करनाl
डॉक्टर सोलंकी ने कहां की हम जो भोजन पैदा करते हैं, पानी पीते हैं, सोलर पैनल का उपयोग करते हैं यही सोलर एनर्जी है मनुष्य ने पानी का उपयोग करना सीखा परंतु डालना नहीं सीखा l
आज कार्बन का उत्सर्जन बहुत तेजी से हो रहा है जिसके कारण पृथ्वी का तापमान 1 डिग्री तक बढ़ गया है इसके कारण दुनिया में अजीब घटनाएं हो रही है ठंडी का नहीं पड़ना, जंगलों में आग लगना, रेगिस्तान में बर्फबारी होना, जहां बर्फ गिरती है वहां पर टेंपरेचर का बढ़ना सब कुछ गड़बड़ हो रहा है इसको समझने की आवश्यकता है 1.5 डिग्री टेंप्रेचर हमारी लक्ष्मण रेखा है इसको पार करते हुए 2 डिग्री टेंपरेचर यदि बढ़ जाता है तो हम वापस नहीं आ सकते उसके बाद यदि हम पूरी तरह से कार्बन उत्सर्जन बंद भी कर देंगे तब भी परिस्थिति को संभालना असंभव होगा।
इसी प्रकार से सदी के अंत तक 3 से 6 डिग्री टेंपरेचर बढ़ सकता है तो मनुष्य का अस्तित्व इस पृथ्वी पर रहेगा या नहीं या पक्का नहीं है इसलिए परिस्थितियों को अभी के अभी ठीक करना पड़ेगा कार्बन उत्सर्जित करने वाले संसाधनों को बंद करके सोलर पर जाने से ही हल निकल पाएगा l
सोलर एनर्जी स्वराज की कल्पना तभी सफल होगी जब छोटे-छोटे लोकल लोगों के द्वारा इसे स्वयं जनरेट किया जाएगा l यह केवल भारत में करने से नहीं होगा इसे पूरे विश्व को स्वीकार करना पड़ेगा यह हम सब के लिए चैलेंज है सबको मिलकर स्वराज लाने के लिए संकल्प लेना होगा
100 साल पहले गांधी जी ने भी कहा था हमें इसे जन आंदोलन बनाना पड़ेगा lइसे सरकार नहीं कर सकती
प्रत्येक गणमान्य नागरिक सौर ऊर्जा का उपयोग करके गर्व करें कि मेरे यहां बिजली का कनेक्शन नहीं है मैं पूरी तरह से सौर ऊर्जा का उपयोग करता हूं इससे मैं विश्व के प्राणी मात्र की चिंता कर रहा हूं lडॉक्टर सोलंकी ने कहा की आत्मनिर्भर बनोगे तो आपका नगर, प्रदेश एवं देश भी आत्मनिर्भर बनेगा जिस प्रकार गांधी जी ने भारत छोड़ो आंदोलन चलाया था उसी प्रकार सभी ने बिजली कटाव आंदोलन अपने प्यारे प्यारे बच्चों के लिए चलाना चाहिए l सभी को पॉल्यूशन नहीं सलूशन का कारण बनना पड़ेगा l
विद्यालय को सोलर ऊर्जा पर निर्भर बनाने के लिए लोकप्रिय विधायक संजय शाह ने विद्यालय को 5 लाख रुपय देने की घोषणा की l कार्यक्रम में अपर कलेक्टर निरंजन शर्मा धन्नालाल दोगने, सुधाकर जोशी, डॉक्टर अतुल गोविंद भुस्कुटे, सुजीत शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक पूरे समय उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन विनोद बोरसे ने किया अतिथियों का परिचय एवं कार्यक्रम की भूमिका डॉक्टर विवेक भुस्कुटे ने दिया l आभार विद्यालय के प्राचार्य दीपक चंदेबा ने व्यक्त किया l कार्यक्रम के अंत में सभी को सौर ऊर्जा का उपयोग करने के लिए शीतल जैन ने शपथ दिलाईl उसके पश्चात विद्यालय के छात्र छात्राओं ने वंदे मातरम गया l