
मंत्री मध्यप्रदेश शासन कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग श्री कमल पटेल ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सबसे पहले टेल टू हेड के नियमों का कढ़ाई से पालन कराया जावे। टेल कमाण्ड एरिया में 10% माइक्रो इर्रिगेशन स्प्रिंकलर प्रणाली से कमाण्ड एरिया में पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें। हरदा जिले को शत प्रतिशत सिंचित करना है। मंत्री श्री पटेल रबी सीजन में सिंचाई हेतु तवा नहर से किसानों को समय पर पर्याप्त पानी मिले इस हेतु बारंगा निवास पर अधिकारियों से चर्चा की। बैठक में जल संसाधन विभाग के अधीक्षण यंत्री तवा परियोजना मण्डल होशंगाबाद श्री एस के सक्सेना, कार्यपालन यंत्री हरदा श्री राकेश दीक्षित, कार्यपालन यंत्री टिमरनी श्री एफ. के. भीमटे, अनुविभागीय अधिकारी सोनतलाई श्री व्हाय एस यादव, अनुविभागीय अधिकारी खिरकिया श्री चौहान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि पिछले वर्ष 2019 में रबी सीजन में 03 नवम्बर को तवा नहर में पानी छोड़ा गया था। इस वर्ष 2020 में 22 अक्टोबर को तवा नहर का पानी छोड़ा गया है। 17 नवम्बर से 20 नवम्बर तक हरदा जिले के सभी किसानों का पलेवा हो जावेगा। किसान भाइयों को चिन्ता करने की जरूरत नहीं है। उन्होने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इसमें सबसे पहले टेल टू हेड के नियमों का कढ़ाई से पालन कराया जावे। टेल कमाण्ड एरिया में 10% माइक्रो इर्रिगेशन स्प्रिंकलर प्रणाली से कमाण्ड एरिया में पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें। हरदा जिले को शत प्रतिशत सिंचित करना है। इसके लिए कार्य योजना बनाकर कार्य को अंजाम तक पहुंचाने के निर्देश दिए। हरदा जिले की एक इंच भी जमीन असिंचित न रहे इसके लिए नहरों की लाइनिंग शीघ्र पूरी कराकर वाटर कोष को भी पक्का कराया जावे। हरदा जिले में जितने भी नदी, नाले हैं उन पर स्टाफडेम बनाकर सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि हरदा जिले को 2100 क्यूसिक पानी प्रतिदिन छोड़ा जावे इससे कम न हो पाए। मूंग फसल के लिये भी पानी छोड़ा जावे इस वर्ष लगभग 75000 हेक्टेयर में मूंग फसल में पानी देने का लक्ष्य रखा गया है, इस बार खिरकिया क्षेत्र को भी पानी उपलब्ध कराया जावे। इस हेतु हर सम्भव प्रयास कर पूरा कराया जावे। मूंग फसल में 45 से 50 दिन तक पानी दिया जावे। लाइनिंग का काम अभी 67% हुआ है उसे शीघ्र पूरा करावे।
मंत्री श्री पटेल ने निर्देशित किया कि श्री डाबर प्रमुख अभियन्ता जल संसाधन भोपाल से दूरभाष पर चर्चा कर मुहाल माइनर एवं बसंतपुरा (कालधड़) माइनर का प्रस्ताव बजट में लाकर उसे शीघ्र करावे। ग्राम चौकड़ी, लोध्याखेड़ी, पाहनपाट, देवपुर, नगावामाल, सारंगपुर ग्रामों के लिए माइक्रो इर्रिगेशन योजना के अन्तर्गत कार्य कराया जावे, इसके लिये उन्होने नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण से चर्चा कर कार्य कराने की बात कही। इस दौरान सोयाबीन फसल का विकल्प के रूप में नई फसल कौनसी हो सकती है, उस पर भी चर्चा की गई।