| जैविक खेती बनाएगी मानव को स्वस्थ्य और किसान को आत्म निर्भर |
| जैविक खेती एवं जैविक उत्पाद ऑनलाईन प्रशिक्षण कार्यक्रम 26 अक्टूबर 2020 से 29 अक्टूबर 2020 तक |
| हरदा | 19-अक्तूबर-2020 |
आज कोरोना की महामारी से लड़ने का सबसे अच्छा तरीका है, हमारे रोगों से लड़ने की शक्ति बनी रहे। इस शक्ति को बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि हम अपने खान पान का विशेष ध्यान रखें और केवल पौष्टिक वस्तुओं का सेवन करें। खेतों में पैदा किये गये अनाज से हमे खान पान की अधिकांश वस्तुएं मिलती है। वर्तमान समय में अधिकांश किसान रासायनिक खेती की विधि को अपनायें हुए हैं, ऐसे समय में आवश्यकता है जैविक खेती के प्रति किसानों की अधिक से अधिक जागरूकता की। इसके अतिरिक्त मृदा, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को सशक्त बनाए रखने के लिए भी जैविक खेती नितान्त आवश्यक है। इससे न केवल उच्च गुणवत्तायुक्त, स्वास्थ्यवर्धक एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि खेती में उत्पादन लागत कम करने में भी मदद मिलेगी और किसानों की आमदनी में भी इज़ाफा होगा। सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। किसान कल्याण मंत्रालय और कृषि वैज्ञानिक किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में जैविक खेती की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। जैविक खेती को बढ़ावा देने और कृषि रसायनों पर निर्भरता को कम करने के लिए शासन द्वारा विभिन्न योजनाऐं चलायी जा रही है। आजकल शहरों में तेजी से लोकप्रिय हो रहे ऑर्गेनिक अनाज, दालें, मसालें, सब्जियां व फल जैविक खेती की संभावनाओं को और बढ़ावा दिलवा रहें हैं। इसी को दृष्टिगत रखते हुए उद्यमिता विकास केन्द्र मध्यप्रदेश (सेडमैप) भोपाल, द्वारा जैविक खेती एवं जैविक उत्पाद ऑनलाईन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन आगामी 26 अक्टूबर 2020 से 29 अक्टूबर 2020 तक किया जा रहा है। कार्यक्रम मे देश व प्रदेश के जाने माने वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ जानकारी साझा करेंगे। प्रशिक्षण मे सम्मिलित मुख्य विषय हैं - जैविक खेती का महत्व, जैविक खेती क्यों, जैविक खेती का आधारभूत स्वरूप क्या है, जैविक खेती कैसे करें, उपयोग में आने वाले आदान का निर्माण व उपयोग की जानकारी, वर्मी कम्पोस्ट, दवाईयां, एकीकृत कीट नियंत्रण, देशी बीजों का उपयोग। जैविक खेती प्रमाणीकरण, वर्तमान मे उपलब्ध प्रमाणित जैविक उत्पाद। जैविक क्षेत्र में औद्योगिक संभावनाएं और उद्यमियों के लिए अवसर। इसके अतिरिक्त संस्थान द्वारा आवश्यकतानुसार मार्गदर्शन व स्वरोजगार स्थापना हेतु सहयोग भी दिया जावेगा। प्रशिक्षण हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आठवी पास और 18 वर्ष न्युनतम आयु सीमा है तथा प्रशिक्षण ऑनलाईन विधि से दिया जावेगा। इच्छुक उम्मीदवार आवेदन पत्र अथवा सादे कागज पर आवेदन कर सकते हैं। किसी भी अन्य जानकारी अथवा आवेदन के लिए कार्यक्रम समन्वयक, उद्यमिता विकास केन्द्र मध्यप्रदेश (सेडमैप) हरदा श्री दिनेश कुमार गावड़े, मोबाईल नम्बर 9425675318, 9009675318 से सम्पर्क किया जा सकता है। |
जैविक खेती बनाएगी मानव को स्वस्थ्य और किसान को आत्म निर्भरजैविक खेती एवं जैविक उत्पाद ऑनलाईन प्रशिक्षण कार्यक्रम 26 अक्टूबर 2020 से 29 अक्टूबर 2020 तक
अक्टूबर 19, 2020
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