नवाचार के रूप में अभिनव प्रयोग करने के लिए अरहर फसल पर लाख का उत्पादन

त्रिमूर्ति न्यूज दीपक यादव
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नवाचार के रूप में अरहर फसल पर लाख का उत्पादन का प्रयोग  कर रहे किसान  
दीपक यादव टिमरनी।                                           जिला  एक उन्नतशील कृषि प्रधान जिला है जिसमें किसान विभिन्न नवीन तकनीकों का प्रयोग कर अपनी खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए सदैव अग्रसर रहते हैं। आत्मा परियोजना जिला हरदा द्वारा किसानों को अपनी फसल में अतिरिक्त लाभ अर्जित करने के नवीनतम प्रयोग के दौरान लाख का उत्पादन तकनीक पर नवाचार के रूप में अभिनव प्रयोग करने के लिए अरहर फसल पर लाख का उत्पादन कृषक सुशील बांके ग्राम चारखेड़ा के खेत पर इसका किट प्रत्यारोपण किया गया।लाख एक प्राकृतिक एवं अहानिकारक राल (रेजिन) है जो कि लाख कीट केरिया लैक्का (केर) का दैहिक स्राव है। लाख कीट विभिन्न प्रकार के लाख पोषक वृक्षों की मुलायम टहनियों पर बैठते है व उनसे पोषण प्राप्त कर लाख का स्राव करते है। डॉ श्रीचंद जाट ने बताया कि लाख कीट की दो प्रजातियाँ, जिन्हें रंगीनी एवं कुसमी के रूप में जाना जाता है। यह एक वर्ष में दो जीवन चक्र पूरा करती हैलाख व्यावसायिक दृष्टिकोण से तीन महत्त्वपूर्ण उत्पादको का जनक है जो कि क्रमशः लाल रंग एवं मोम है। लाख रेजिन बाजार में व्यावसायिक रूप से चपड़ा, चौरी एवं बटन लाख के रूप में पाया जाता है लाख के मूल्य वर्धित उत्पादों में प्रमुखः ब्लीच, लाख, एल्यूरिटिक अम्ल व आइसोइम्ब्रेटेलाइट है। इसके बहुत सारे क्षेत्रों तथा वर्निश, पेन्ट, छापने की स्याही, औषधि, चमड़ा, विद्युत एवं ओटोमोबाइल उद्योगों व रक्षा, रेलवे एवं डाक विभागों में बहुआयामी प्रयोग है। लाख कीट के द्वारा उत्पन्न रंग वस्त्र एवं खाद्य उद्योगों में प्रयोग किया जाता है। लाख मोम का प्रयोग पॉलिस व सौन्दर्य उत्पादों में किया जाता है।लाख उत्पादन तकनीक में सर्वप्रथम अरहर फसल को खरीफ ऋतु में ५ * ५ फीट पर खेत में लगा दिया जाता है एवं अक्टूबर तक जब फसल तीन चार फीट की ऊंचाई लिए होती है तब इस पर लाख के कीट का प्रतिरोपण किया जाता है ।यह लाख के कीट अपना जीवन चक्र इस फसल के पौधों पर करके लाख उत्पादन की क्रिया सुचारू रूप से चलाते हैं। जिसके लिए समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन किसानों को देते हुए जब अरहर की फसल फरवरी-मार्च में कटाई के योग्य हो जाती है। तब फसल को काटकर लाख को अलग निकालकर फसल उत्पादन के साथ-साथ लाख का अतिरिक्त उत्पादन भी प्राप्त किया जा सकता है।लाख के कीट का प्रत्यारोपण करते समय उप संचालक कृषि श्री एम पी एस चंद्रावत डॉ श्रीचंद्र जाट बीटीएम टिमरनी कृषक रमेशचंद्र मगुल्ले सुशील चंद्र सुनील वीरेंद्र शंकर आदि उपस्थित रहे।

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