जस्ट इन टाइम पेमेंट का ट्रायल रन कर लें
बेस्ट सोसायटी स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित होगी
खरीदी केन्द्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों- कलेक्टर श्री एस विश्वनाथन
खरीदी केन्द्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों,तुलावटी पर्याप्त संख्या में हों,परिवहन में लीकेज जीरो हो,जस्ट इन टाइम पेमेन्ट की व्यवस्या हो,जस्ट इन टाइम पेमेंट का ट्रायल रन कर लें,फेल पेमेन्ट के मामले में आवश्यक सुधार कर लें,किसानों के लिए पेयजल,शीतल पेय,छांव की व्यवस्था हो,छांव की व्यवस्या हम्माल तुलावटी के लिए भी हो,केन्द्रों में मतदाता जागरूकता के गीत बजाए जाएं,लोग गीत भी बजाएं,मतदाता जागरूकता के होर्डिंग लगाए जाएं,तौल कांटों की पर्याप्त व्यवस्था हो,माइश्चर मीचर वर्किग कंडीशन में हों,अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था केन्द्रों पर हो,छन्ने पंखे तिरपाल की व्यवस्या हो,एसएमएस एवं टोकन सिस्टम का कड़ाई से पालन हो।
कलेक्टर श्री एस विश्वनाथन की अध्यक्षता में रविवार को कलेक्टोरेट में आयोजित उपार्जन से संबंधित बैठक में यह निर्देश दिए गए।जिला पंचायत सीईओ श्री लोकेश कुमार जांगिड़,अपर कलेक्टर श्रीमती प्रियंका गोयल सहित सभी एसडीएम,तहसीलदार,समिति प्रबंधक आपरेटर्स मौजूद थे। निर्देश दिए गए कि एसडीएम तहसील दार लगातार भ्रमण कर खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था सुनिश्चित कराएंगे।जिला स्तरीय उपार्जन समिति खरीदी संबंघी विवादों पर कार्यवाही करेगी।नान एफएक्यू गेंहू के लिए निर्धारित प्रोटोकाल का पालन किया जाए।केन्द्रों पर सुविधा काऊंटर बनाए जाएं।यहां सामान्य पूछताछ टोकन जारी करने और एफएक्यू से संबंधित जानकारी दी जाए,इसका फ्लेक्स भी लगए।बारदानों का बेहतर प्रबंधन हो किसी को भी बाहर से गेहूं भरकर लाने हेतु केन्द्र के बारदान उपलब्ध नहीं कराया जाए।खरीदी केन्द्रों पर पार्किग व्यवस्था हो। जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि रबी उपार्जन वर्ष 2019-20 हेतु समस्त तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई है। जिले में 25 मार्च से 24 मई तक उपार्जन कार्य किया जावेगा। गत वर्ष गेहूँ का बोया गया रकबा 1 लाख 20 हजार हेक्टेयर था तथा 42 हजार 744 किसानों द्वारा गेहूँ के लिये, 16 हजार 745 किसानों द्वारा चना के लिये, 4 किसानों द्वारा मसूर के लिये तथा 122 किसानों द्वारा सरसों के लिये पंजीयन कराया गया था। इस प्रकार कुल 50 हजार 238 किसानों द्वारा गत वर्ष रबी फसल उपार्जन हेतु पंजीयन कराया गया। इस वर्ष गेहूँ का बोया गया रकबा 1.30 लाख हेक्टेयर है, जिसकी अनुमानित उत्पादकता 5.85 लाख मैट्रिक टन है। उन्होने बताया कि इस वर्ष गेहूँ उपार्जन का लक्ष्य 4.50 लाख मैट्रिक टन तथा चना उपार्जन का लक्ष्य 60 हजार मैट्रिक टन है। इस वर्ष गेहूँ का समर्थन मूल्य 1840/- रूपये प्रति क्विंटल तथा 160 रूपये बोनस, चने का समर्थन मूल्य 4620/- रूपये प्रति क्विंटल, मसूर का समर्थन मूल्य 4475/- रूपये प्रति क्विंटल तथा सरसों का समर्थन मूल्य 4200/- रूपये प्रति क्विंटल शासन द्वारा निर्धारित किया गया है। उपार्जन हेतु गेहूँ के लिये 90 गोदामों पर संचालित, 33 शेष अन्य स्थानों पर एवं चने के लिये 14 गोदाम पर संचालित, 12 शेष अन्य स्थानों पर खरीदी केन्द्र स्थापित किये गये है। जिले में कुल 18 हजार बारदाना गठान की आवश्यकता है, इसके विरूद्ध अभी तक जिले को 15 हजार 700 गठान प्राप्त हो गये है तथा 2300 गठान आना शेष है। जिले में कुल उपलब्ध रिक्त भंडार क्षमता 4.50 लाख मैट्रिक टन संभावित है। उन्होने बताया कि जिले में उपार्जन गतिविधियों के सुचारू रूप से संचालन हेतु जिला स्तरीय, अनुविभाग स्तरीय, तहसील स्तरीय समितियों का गठन किया गया है तथा प्रत्येक उपार्जन केन्द्र हेतु नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
कलेक्टर श्री एस विश्वनाथन की अध्यक्षता में रविवार को कलेक्टोरेट में आयोजित उपार्जन से संबंधित बैठक में यह निर्देश दिए गए।जिला पंचायत सीईओ श्री लोकेश कुमार जांगिड़,अपर कलेक्टर श्रीमती प्रियंका गोयल सहित सभी एसडीएम,तहसीलदार,समिति प्रबंधक आपरेटर्स मौजूद थे। निर्देश दिए गए कि एसडीएम तहसील दार लगातार भ्रमण कर खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था सुनिश्चित कराएंगे।जिला स्तरीय उपार्जन समिति खरीदी संबंघी विवादों पर कार्यवाही करेगी।नान एफएक्यू गेंहू के लिए निर्धारित प्रोटोकाल का पालन किया जाए।केन्द्रों पर सुविधा काऊंटर बनाए जाएं।यहां सामान्य पूछताछ टोकन जारी करने और एफएक्यू से संबंधित जानकारी दी जाए,इसका फ्लेक्स भी लगए।बारदानों का बेहतर प्रबंधन हो किसी को भी बाहर से गेहूं भरकर लाने हेतु केन्द्र के बारदान उपलब्ध नहीं कराया जाए।खरीदी केन्द्रों पर पार्किग व्यवस्था हो। जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि रबी उपार्जन वर्ष 2019-20 हेतु समस्त तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई है। जिले में 25 मार्च से 24 मई तक उपार्जन कार्य किया जावेगा। गत वर्ष गेहूँ का बोया गया रकबा 1 लाख 20 हजार हेक्टेयर था तथा 42 हजार 744 किसानों द्वारा गेहूँ के लिये, 16 हजार 745 किसानों द्वारा चना के लिये, 4 किसानों द्वारा मसूर के लिये तथा 122 किसानों द्वारा सरसों के लिये पंजीयन कराया गया था। इस प्रकार कुल 50 हजार 238 किसानों द्वारा गत वर्ष रबी फसल उपार्जन हेतु पंजीयन कराया गया। इस वर्ष गेहूँ का बोया गया रकबा 1.30 लाख हेक्टेयर है, जिसकी अनुमानित उत्पादकता 5.85 लाख मैट्रिक टन है। उन्होने बताया कि इस वर्ष गेहूँ उपार्जन का लक्ष्य 4.50 लाख मैट्रिक टन तथा चना उपार्जन का लक्ष्य 60 हजार मैट्रिक टन है। इस वर्ष गेहूँ का समर्थन मूल्य 1840/- रूपये प्रति क्विंटल तथा 160 रूपये बोनस, चने का समर्थन मूल्य 4620/- रूपये प्रति क्विंटल, मसूर का समर्थन मूल्य 4475/- रूपये प्रति क्विंटल तथा सरसों का समर्थन मूल्य 4200/- रूपये प्रति क्विंटल शासन द्वारा निर्धारित किया गया है। उपार्जन हेतु गेहूँ के लिये 90 गोदामों पर संचालित, 33 शेष अन्य स्थानों पर एवं चने के लिये 14 गोदाम पर संचालित, 12 शेष अन्य स्थानों पर खरीदी केन्द्र स्थापित किये गये है। जिले में कुल 18 हजार बारदाना गठान की आवश्यकता है, इसके विरूद्ध अभी तक जिले को 15 हजार 700 गठान प्राप्त हो गये है तथा 2300 गठान आना शेष है। जिले में कुल उपलब्ध रिक्त भंडार क्षमता 4.50 लाख मैट्रिक टन संभावित है। उन्होने बताया कि जिले में उपार्जन गतिविधियों के सुचारू रूप से संचालन हेतु जिला स्तरीय, अनुविभाग स्तरीय, तहसील स्तरीय समितियों का गठन किया गया है तथा प्रत्येक उपार्जन केन्द्र हेतु नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
