सम्पत्ति विरूपण अंतर्गत लोक सम्पत्ति सुरक्षा दस्ते का गठन
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री एस. विश्वनाथन ने आदेश जारी कर निर्देशित किया है कि लोकसभा निर्वाचन 2019 के कार्यक्रम की घोषणा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 10 मार्च को की जा चुकी है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान की तिथि 06 मई 2019 निश्चित की गई है। निर्वाचन के दौरान विभिन्न राजनैतिक दलों एवं उनके अभ्यर्थियों द्वारा चुनाव प्रचार करने के लिए शासकीय/अशासकीय भवनों पर नारे लिखे जाते हैं, बैनर लगाये जाते हैं, पोस्टर चिपकाए जाते हैं तथा विद्युत एवं टेलीफोन के खंबों पर चुनाव प्रचार से संबंधित झंडियाँ लगाई जाती है। जिसके कारण शासकीय सम्पत्ति का स्वरूप विकृत हो जाता है। इस संबंध में शासन द्वारा मध्यप्रदेश सम्पत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 पारित किया गया है । इस अधिनियम की धारा-3 में यह स्पष्ट उल्लेख है कि ‘‘कोई भी जो सम्पत्ति के स्वामी की लिखित अनुज्ञा के बिना सार्वजनिक दृष्टि में आने वाली किसी सम्पत्ति को स्याही, खड़िया रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिखकर या चिन्हित करके उसे विरूपित करेगा वह जुर्माने से जो एक हजार रूपये तक का हो सकेगा दण्डनीय होगा ।‘‘
श्री विश्वनाथन ने मध्यप्रदेश संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 की धारा-5 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है कि चुनाव प्रचार के दौरान यदि विभिन्न राजनैतिक दलों अथवा चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों द्वारा किसी शासकीय एवं अशासकीय भवन की दीवालों पर किसी भी प्रकार के नारे लिखकर विकृत किया जाता है, विद्युत एवं टेलीफोन के खंबों पर झंडियाँ लगायी जाती है अथवा ऐसे पोस्टर एवं बैनर लगाकर अथवा सड़क से लगी हुई भूमि या अन्य स्थानों पर होर्डिंग लगाकर शासकीय संपत्ति को विकृत किया जाता है, तो ऐसे पोस्टर एवं बैनर हटाने के लिए तथा चुनावी नारे मिटाने के लिए जिले के प्रत्येक थाने में ‘‘लोक सम्पत्ति सुरक्षा दस्ता‘‘ तत्काल प्रभाव से पदस्थ किया जाता है। इस दस्ते में लोक निर्माण विभाग, नगरपालिका एवं नगरपंचायतों के स्थायी गैंग के पर्याप्त संख्या में कर्मचारी पदस्थ रहेंगे। यह लोक सम्पत्ति सुरक्षा दस्ता नगर निरीक्षक/थाना प्रभारी के सीधे देख-रेख में सुनिश्चित करने के लिए संबंधित थाने का एक सहायक उप निरीक्षक (पुलिस), मुख्यालय पटवारी एवं स्थानीय निकाय के एक कर्मचारी की ड्यूटी लगायी जावे। इस दस्ते को एक वाहन भी उपलब्ध कराया जाये, जिस पर ‘‘लोक सम्पत्ति सुरक्षा दस्ता‘‘ का बैनर लगा होना चाहिए। लोक निर्माण विभाग द्वारा इस दस्ते को लोक सम्पत्ति को विरूपण से बचाने के लिए सभी आवश्यक सामग्री जैसे-गैरू, चुना, कूची, बांस एवं सीढ़ी आदि उपलब्ध करायी जावे। यह लोक सम्पत्ति सुरक्षा दस्ता निर्वाचन की समाप्ति तक नगर निरीक्षक/थाना प्रभारी के सीधे देख-रेख में अपने कार्यक्षेत्र में प्रतिदिन भ्रमण करते हुए लोक सम्पत्तियों को विरूपित होने से रोकेगा। इस संबंध में प्रतिदिन की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन जिला निर्वाचन कार्यालय में प्रेषित किया जावेगा।
यदि किसी राजनैतिक दल या चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी द्वारा किसी निजी संपत्ति को बिना उसके स्वामी के लिखित सहमति के विरूपित किया जाता है तो निजी संपत्ति के स्वामी द्वारा संबंधित थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद लोक सम्पत्ति सुरक्षा दस्ता निजी सम्पत्ति को विरूपित होने से बचाने की कार्यवाही करेगा एवं थाना प्रभारी संबंधित प्रथम सूचना रिपोर्ट के आधार पर विधिवत् जाँच कर सक्षम न्यायालय में चालान प्रस्तुत करेंगे।
नगर निरीक्षक/थाना प्रभारी लोक सम्पत्ति विरूपण से संबंधित प्राप्त शिकायतों को एक पंजी में पंजीबद्ध करेंगे तथा शिकायत की जांच कर तथ्य सही पाये जाने पर लोक सम्पत्ति सुरक्षा दस्ता को आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित करेंगे।