मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना
प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना के जिले में क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर श्री एस. विश्वनाथन द्वारा जिले की समस्त नगर पालिका एवं नगर परिषदों को अधिकृत किया गया है। उन्होने निर्देशित किया है कि शासन के निर्देशानुसार योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
शहरी क्षेत्रों में निवास करने वाले 21 से 30 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये व्यवसायिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान किये जाने एवं जीवन यापन की तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये राज्य शासन ने ‘मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना’ प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये एक वर्ष में निर्धारित अवधि तक युवाओं को सार्थक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराया जायेगा।
मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना के अन्तर्गत नगरीय निकायों में निवासरत 21 से 30 वर्ष की आयुवर्ग के बेरोजगार युवाओं को एक वर्ष में 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा। युवाओं की रूचि अनुसार ऐसे ट्रेड में कौशल प्रशिक्षण प्रदाय करवाना है, जिससे भविष्य में उन्हें स्थाई रोजगार प्राप्त हो सके। योजना में पात्रता के लिये युवक के परिवार की समस्त स्त्रोतों से वार्षिक आय 2 लाख रूपये से कम होना चाहिये। मध्य प्रदेश के शहरी क्षेत्र के निवासी होना चाहिये। एक जनवरी 2019 को जिनकी आयु 21 से 30 वर्ष के मध्य हो और मनरेगा योजना के जॉबकार्डधारी न हो, योजना में पात्र होंगे।
योजना के अन्तर्गत पात्र युवाओं को एक वर्ष में 100 दिन के लिये चार हजार रूपये प्रतिमाह स्टाईपेंड पर नगरीय निकायों में अस्थाई रोजगार प्रदान किया जायेगा। सम्बन्धित नगरीय निकाय नोडल एजेन्सी के रूप में कार्य करेगी। योजना में आवेदन करने वाले युवक-युवती को जो कार्य सौंपा जायेगा, प्रथम 10 दिन में निकाय द्वारा उस कार्य को सुचारू रूप से करने के लिये प्रशिक्षण दिया जायेगा। अगले 90 दिन में युवकों द्वारा कार्य सम्पादित किया जायेगा। इन 90 दिन में पंजीकृत युवा कौशल विकास प्रशिक्षण एवं नगरीय निकाय में रोजगार दोनों साथ-साथ करेगा।
निकाय में कार्य के समय के अलावा प्रातःकालीन अथवा सायंकालीन शिफ्ट में युवकों द्वारा चयनित क्षेत्र में कौशल विकास के लिये प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। इसके लिये नोडल विभाग कौशल विकास विभाग होगा। किये गये कार्य का भुगतान चार हजार रुपये प्रतिमाह स्टाईपेंड के नाम से प्रत्येक माह के अन्त में युवकों के बैंक खाते में जमा किया जायेगा। कार्य की अवधि एक माह से कम होने पर समानुपातिक दर से भुगतान किया जायेगा। पंजीकृत युवकों की प्रशिक्षण में उपस्थिति 70 प्रतिशत एवं निकाय के कार्य में 33 प्रतिशत न्यूनतम होना अनिवार्य है।
युवा अपना पंजीयन पोर्टल पर करा सकते हैं
पात्र अभ्यर्थी एमपी ऑनलाइन के माध्यम से पोर्टलwww.yuvaswabhimaan.mp.gov.in पर अथवा सम्बन्धित मोबाइल एप पर ओटीपी आधारित पंजीयन करा लें। इसके बाद आवेदक स्वयं अथवा एमपी ऑनलाइन के माध्यम से पंजीयन कर अभिस्वीकृति पत्र का प्रिंटआऊट प्राप्त कर सकते हैं। आगामी 20 फरवरी को पोर्टल द्वारा उन्हें ‘पहले आओ-पहले पाओ’ आधारित कार्य आवंटन तथा चयनित नगरीय निकाय में 21 फरवरी को प्रत्यक्ष रूप से उनकी ऑनबोर्डिंग की जायेगी। इसकी पूर्व सूचना उन्हें उनके मोबाइल पर एसएमएस एवं मोबाइल एप पर दी जायेगी। ऑनबोर्डिंग के समय नगरीय निकाय के नोडल अधिकारी उनका आधार आधारित सत्यापन करेंगे तथा 21 से 5 मार्च तक नगरीय निकाय स्तरीय 10 दिवसीय प्रशिक्षण संचालित करेंगे। इसके बाद स्टाइपेंड का प्रथम आधार आधारित भुगतान अभ्यर्थी के बैंक खाते में सीधे किया जायेगा। अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने पर प्रतीक्षा सूची तैयार की जायेगी, जिन्हें द्वितीय बैच में अवसर दिया जायेगा।