*बाल अधिकार जागरुकता सप्ताह का हुआ समापन*
आज बाल अधिकार सप्ताह का समापन किया गया। जिसे शेडो संस्था ने नगर की नगरपालिका स्कूल में " सहभागिता का मेला " के रूप में मनाया। कार्यक्रम के अंतर्गत लेखन कौशल की कार्यशाला की गई जिसमें राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त राजेंद्र जी उपाध्याय सर ने सहभागिता की और बच्चों को लेखन कौशल के बारे मे बताया साथ ही बच्चों को सुंदर लिखावट कैसे हो , लिखावट का क्या प्रभाव पड़ता हैं और इसे बेहतर बनाने के लिए नियमित क्या प्रयास करना चाहिए, बताया। इसके बाद " बच्चों की आवाज़" गतिविधि कराई गई जिसमें बच्चों ने अपनी अपनी समस्या बतायी।
साथ ही हस्थ लेख प्रतियोगिता कराई गई जिसमें प्रथम किशन, द्वितीय तुषार पटेल ओर तीसरे पर वैष्णवी मूँदड़ा रही।
शेडो संस्था ज़िले की शासकीय स्कूलों की बेहतरी के लिए विगत 4 सालों से कार्य कर रही हैं। जिसमें संस्था ज़िले में शाला त्यागी बच्चों और भिक्षाव्रत्ति करने बाले बच्चों मनोरंजक तरीक़े से शिक्षा देकर स्कूल से जोड़ने के साथ मुख्य धारा में जोड़ रही है और बच्चों को सम्मान दिला रही है । संस्था 14 नवम्बर से 20 नवम्बर तक पूरे सप्ताह को बाल अधिकार जागरुकता सप्ताह के रूप में विगत चार वर्षों से मनाते आ रही है। संस्था के साथी मधुर ने आगे जानकारी देते हुए बताया की इसी तरह पिछले छः दिन में बच्चों के अधिकार और POCSO ऐक्ट पर शहर और गाँव की स्कूलों में कार्यशाला, बैंक में बाहरी भ्रमण, चित्रकारी गतिविधि, अधिकार पर टेडीवियर का खेल और स्कूलों के बच्चों को अधिकारो और पोकसो ऐक्ट पर कोमल फ़िल्म दिखाई गई।जिसमें संस्था के दीपक, माधव , दीपिका, अपेक्षा, मिनी, हिमांशु उपस्थित थे।