जिला डायग्नोस्टिक टीम ने किया निरीक्षण

त्रिमूर्ति न्यूज दीपक यादव
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जिला डायग्नोस्टिक टीम द्वारा विकासखण्ड के ग्राम काकड़कच्छ, मुहाल कलां, सक्तापुर,ढोलगांव आदि के दर्जनों ग्रामों में कृषको के खेतों का निरीक्षण किया गया। वैज्ञानिको द्वारा खेतो में सफेद लट्(व्हाईट ग्रव) सेमिलूपर एवं रसचुसक कीट का प्रकोप मुख्य रूप से देखा गया साथ ही उड़द फसल में कही-कही वेक्टीरियल व्लाइट (जीवाणु अंगमारी) रोग का संक्रमण देखा गया। भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (आई.सी.ए.आर.)इन्दौर के वैज्ञानिको द्वारा जारी एडवाइजरी में वाईट ग्रव के लिये इमिडाक्लोरोपीड 17.8 ैस् 300 मि.ली. प्रति हेक्टेयर अथवा जैविक कीटनाषक ब्यूवेरिया बेसिआना/मेटाराइझियम एनाइसोप्ली 1 किलो/हे. अथवा क्लोरपाइरीफॉस 10 जी 20 किलो/है. की दर से उपयोग करे। सोयाबीन सेमिलूपर के लिये मिश्रीत कीटनाषक बीटासायफ्लूथ्रिन$इमिड
ाक्लोरोपीड 350 मिली.प्रति हेक्टेयर अथवा थायमिथॉक्सम$ लेम्बडा सायहेलोथ्रीन 125 मि.ली. लीटर /है. की दर से छिड़काव करे। उड़द फसल में वेक्टीरियल व्लाइट संक्रमण के नियंत्रण हेतु स्ट्रेप्टोमाइसीन 40 ग्राम प्रति एकड़$ कापर आक्सीक्लोराइड 400 ग्राम प्रति एकड़ मिलाकर अथवा कासुगो माइसीन या वेलिडामाइसीन 400 ग्राम की मात्रा$ कापर आक्सीक्लोराइड 400 ग्राम प्रति एकड़ की दवा मिलाकर छिड़काव करे कृषक भाइयों को सलाह दी जाती है,कि उपरोक्तानुसार अनुसंषित की गयी पौध संरक्षण औषधीयों की फसल अवस्था अनुसार 200 से 300 लीटर घोल बनाकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करे। छिड़काव करते समय 1 चम्मच वासिंग पावडर मिला देवे। किसान भाईयो से अनुरोध है,कि लगातार खेतो की निगरानी रखें। डायग्नोस्टिक टीम में श्री अखलेष पटेल सहायक संचालक कृषि एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ.एम.के.बंकोलिया एवं डॉ. सर्वेष कुमार वैज्ञानिक एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री संजय जैन. एंव ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री आर.बी.विष्नोइ एवं किसान मित्रो के साथ लगातार खेतो का निरीक्षण किया गया।

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