टिमरनी-आदिशकराचार्य की प्रतिमा हेतु धातु संग्रहण तथा जनजागरण अभियान के लिए प्रारम्भ की गई एकात्म यात्रा का 19 जनवरी को जिले में प्रवेष हुआ। बैतूल हाइवे पर गंजाल पुल पर पहुंची यात्रा का ग्रामीण जनों द्वारा भव्य स्वागत किया गया, ढोल-ढमाकों से अगवानी की गई यात्रा पर पुष्पवर्षा की गई। ग्रामीण स्वागत हेतु उपस्थित थे, आदिशंकराचार्य एकात्म यात्रा के साथ चलने वाले वाहनों पर संतजन कार्यकर्ता भी मौजूद थे। इनमें संतजन श्री मुक्तानंदपुरी जी महाराज, स्वामी बालकदासजी आदि शामिल है। मप्र रोजगार निर्माण बोर्ड के अध्यक्ष हेमंत देशमुख,डा जितेन्द्र जामदार श्री षिवनारायण पटेल भी मौजूद थे।जिले में प्रवेष के अवसर पर विधायक श्री संजय शाह , पूर्व मंत्री श्री कमल पटेल, यात्रा प्रभारी और नपाध्यक्ष हरदा श्री सुरेन्द जैन,जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री मनीष निशोद,कलेक्टर श्री अनय द्विवेदी, जिला पंचायत सीईओ श्री केडी त्रिपाठी, अपर कलेक्टर श्री बाबूलाल कोचले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती हेमलता कुरील, श्री अमर सिंह मीणा के साथ सैकड़ों ग्रामीण जन उपस्थित थे। यात्रा के साथ जन अभियान परिषद का कोर ग्रुप एवं प्रस्फुटन समितियों के सदस्य भी चल रहे हैं। यात्रा का स्वागत सिर पर कलष रखे ग्रामीण महिलाओं द्वारा किया गया। यात्रा गंजाल पुल से आगे बढ़ते हुए टेमांगांव,भादूगांव,नांदवा,सिरकंबा,सोडलपुर होते हुए टिमरनी पहुंची। यहां जनसंवाद कार्यक्रम हुआ। सांसद श्रीमती ज्योति घूर्वे जनसंवाद में उपस्थित थीं।यात्रा मार्ग में कतार-बद्ध खड़े बच्चों द्वारा यात्रा पर पुष्पवर्षा की गई, स्थान-स्थान पर स्वागत मंच बनाए गए थे जहां से ग्रामीणों द्वारा यात्रा पर पुष्पवर्षा की जा रही थी। एकात्म यात्रा के दौरान साथ चल रहे वाहन रथ पर आदिषंकराचार्य का व्रहत्ताकार चित्र तथा देष के प्रमुख तीर्थों के चित्र दर्षाये गए हैं। आदिशंकराचार्य के प्रतीक भी वाहन रथ पर रखे गये हैं। ग्रामीणों द्वारा उल्लास के साथ जयकारे लगाते हुए गांवों में यात्रा की । कला पथक दल भी यात्रा सम्बन्धी भजनों का गायन कर रहा है।
समाज से कुरीतियां दूर करें, धर्म नहीं - डॉ. मुक्तानंदपुरी जी महाराज
मां नर्मदा के तट पर भारतीय अस्मिता और राष्ट्रीय चेतना के आधार स्तंभ, सांस्कृतिक एकता और मानव मात्र में एकात्मता के उद्घोषक तथा अद्वेतवाद के अजेय योद्धा आदि शंकराचार्य ने दिव्य ज्ञान प्राप्त किया। प्रदेश सरकार द्वारा ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की प्रतिमा की स्थापना के लिए धातु संग्रहण एवं उनके अद्वेत वेदांत दर्शन के प्रति जनजागरण अभियान संचालित करने के उद्देश्य से एकात्म यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस एकात्म यात्रा ने शुक्रवार गंजाल पुल से जिले में प्रवेष पष्चात विभिन्न ग्रामों से होते हुए टिमरनी पहुची यहां जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनसंवाद कार्यक्रम में यात्रा के साथ चल रहे डॉ. मुक्तानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि एकात्म यात्रा का उद्देश्य समाज में समरसता का वातावरण तैयार करना है। आदि गुरू शंकराचार्यजी के अद्वैतवाद से हमें समाज एवं संस्कृति बचाने की शिक्षा लेना चाहिए। वर्तमान में व्याप्त सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए आदि गुरू शंकराचार्यजी का दर्शन सर्वाधिक उपयोगी है। उन्होंने कहा कि आदि गुरू शंकराचार्यजी के दर्शन से प्रेरणा लेकर हमें समाज से कुरीतियां दूर करना चाहिए, न कि धर्म को। आज जरूरत है हमारे जीवन से अज्ञानता एवं अविद्या दूर करें तथा हमारा विकास करें। इसके पूर्व यात्रा के संयोजक डॉ. जितेन्द्र जामदार ने आदि गुरू शंकराचार्यजी की जीवनी एवं उनके एकात्मवाद के सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं सह संयोजक श्री षिवनारायण पटेल ने यात्रा की प्रस्तावना को विस्तार से बताया। रात्रि विश्राम टिमरनी में करने के पश्चात् 20 जनवरी को यात्रा हरदा के लिए प्रस्थान करेगी।