टिमरनी.
स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टिमरनी में तन रक्षा एवं विकृति बचाव शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विकासखंड के मरीज व् उनके परिजन शामिल हुए। शिविर में जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ केसरी प्रसाद ने कुष्ठ रोग के बारे में जानकारी प्रदान की।उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग माइक्रो वेक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु के संक्रमण से फैलता है।जो मुख्यतः त्वचा, आँखों, नाक और बाहरी तंत्रिकाओं को प्रभावित करता है।त्वचा पर सुन्नपन हलके और लाल रंग के पैच होते है।बहु औषधि उपचार को लेने से यह रोग बिना विकृति के ठीक हो जाता है।एनएमए एस आर धोटे ने बताया की शिविर में 23 मरीजों का पंजीयन हुआ, शिविर में मरीजों के परिजन भी शामिल हुए। इस रोग के चलते मरीजों के हाथ पैरों में सुन्नपन हो जाता है जिससे स्पर्श का एहसास नहीं कर पाते है। इससे मरीजों को घाव हो जाता है. बचाव एवं रोकथाम हेतु शिविर में प्रशिक्षण प्रदान किया गया।एनएमए एस.के.चौधरी एवं एस.एल.सेन ने रि-कंस्ट्रक्शन कुष्ठ रोग के संक्रामक और असंक्रामक प्रकार के बारे में जानकारी दी ।सहभोज उपरांत शिविर संपन्न हुआ।