टिमरनी
सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र टिमरनी के हॉल मे 3 दिसम्बर 1984 को हुई विश्व की सबसे बड़ी रासायनिक त्रासदी मे मृत लोगों को श्रद्धान्जलि प्रदान की गई ।डॉ पुष्पा देशमुख भी इस हादसे के समय भोपाल मे थी उन्होने भी मौत से हुए साक्षात्कार का वर्णन सुनाया ।BMO डॉ एम के चौरे ने गैस कांड को याद करते हुए उस रात को अपने जीवन की भयावह रात बताया । डॉ चौरे उन दिनो भोपाल स्थित गान्धी मैडिकल कॉलेज मे अध्ययन कर रहे थे ।आधी रात को हुई इस दुर्घटना मे अचानक लोगों की सांस भारी होने लगी, सांस लेने मे बहुत जलन होने लगी, बाहर निकल कर देखा तो पुरे शहर मे अफरा तफरी मची देखी, आसमान मे गहरा पीला धुंआ पसरा था, अफवाह भी चरम पर थी । कुछ लोग इसे पकिस्तान का हमला बता रहे थे । हमने अपने साथियों के साथ मेडिकल कॉलेज से सीहोर रोड तक दौड़कर जान बचाई ।बाद मे जब मैडिकल कॉलेज पहुचे तो देखा कि हजारो लोगों की इस त्रासदी मे मौत हो चुकी है।इस अवसर पर डॉ केसरी प्रसाद, तरुण पाटिल, चन्दकला ठाकुर, एस के शर्मा, आशीष साकल्ले, हरीश गोहिया, सुदीप काशीव, माधव भरद्वाज, कुन्दन कुशवाहा, अभय पारे सहित अस्पताल स्टाफ और आशा कार्यकर्ता उपस्थित रही ।
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